[ जिल्हा प्रतिनिधी पुणे
प्रवीण पप्पू शिंदे
अस्सलाम वालेकुम आदाब शकील खान राष्ट्रीय प्रधानमंत्रीदलित मुस्लिम एकता पांच बिहार के नवादा मैं मोहम्मद अजहर हुसैन की हत्या कर दी गई एक गरीब परिवार का बेटा जो कपड़ा बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था उसको मार डाला गया पेंट खोलकर उसकी पहचान की गई कान काटे गए हड्डियां तोड़ दी गई नाखून उखाड़े गए ग्राम रोड से पूरे शरीर को जलाया गया प्राइवेट पाटमें पेट्रोल डाला गया तमाम तरह की अजियत दी गई आखिर इसका कसूर क्या था कसूर यही था कि वह मुसलमान था आखिर ऐसी घटनाएं कब तक चलती रहेगी आज वह देश का बेटा नफरत का शिकार हो गया आखिर नफरत फैलाने वालों को होशकब आएगा क्या जब देश कोतोड़ देंगे वहां पर नीतीश कुमार की सरकार है उसकी पार्टी में तब मुस्लिम नेता है सबकी जुबान पर ताले लगे हुए हैं कोई बोलने के लिए तैयार नहीं है आखिर क्यों क्या उसे मासूम बच्चों को इंसाफ मिलेगा जिन लोगों ने उसकी जान ली उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी उनको फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा उनके घर पर बुलडोजर चलेगा आखिर अभी तक अपराधी सब के सब पकड़े क्यों नहीं गए सिर्फ खानापूर्ति क्यों हो रही है हमारा सवाल है नीतीश कुमार से और पार्टी में बैठे उन मुस्लिम नेता ओ से आशीर्वाद थोड़ी सी पद और प्रतिष्ठा कीलाचार मैं कब तक पड़े रहेंगे उनको भी आवाज उठानी चाहिए और उन गुंडों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और यह जो नीतीश कुमार एक मुख्यमंत्री पद की गरिमा को तार तार कर रहे हैं उनको भी सब के मिलना चाहिए उनको अभी इस्तीफा देना चाहिए जैसे उन्होंने अभी देश की बेटी का हिजाब खींच है ऐसा लगता है के वे दिमाग से मेंटल हो चुके हैं अब हुए मुख्यमंत्री योग्य नहीं है उनको इस्तीफा दे देना चाहिए अब उनके बस की कुछ नहीं रहा है क्योंकि उनका दिमाग मेंटल हो चुका है आदाब अस्सलाम वालेकुम शकील खान



















